माँ पर 20 प्रसिद्ध एवं सर्वश्रेष्ठ कविताएँ

 "माँ पर सर्वश्रेष्ठ कविताएँ"

जब हम पहली बार इस दुनिया में आते हैं, तो सबसे पहले जो स्पर्श हमें मिलता है, वह माँ की गोद का होती है। उसकी ममता में एक ऐसा जादू है जो हर दर्द को भुला देता है, और उसकी दुआएँ हमारे लिए एक कवच बन जाता हैं, जो जीवन की हर कठिनाई से हमें बचाती हैं।

कवि, साहित्यकार, और शायर सदियों से माँ की ममता, त्याग, और प्रेम को शब्दों में पिरोने की कोशिश कर रहे हैं। उनके लिखे ये शब्द माँ के प्रति सम्मान और प्रेम की अनमोल अभिव्यक्ति हैं।

इस लेख में हम आपके लिए लाए हैं माँ पर 20 प्रसिद्ध एवं सर्वश्रेष्ठ कविताएँ, जो न सिर्फ़ आपके दिल को छू जाएँगी, बल्कि आपको अपनी माँ के और भी करीब ले जाएँगी। इन्हें पढ़ते हुए शायद आपकी आँखें नम हो जाएँ, लेकिन दिल को सुकून जरूर मिलेगा।

1. माँ – हरिवंश राय बच्चन

ममता की मूरत, करुणा का सागर,  
तेरी गोद में पाकर चैन की नींद आती है।  
माँ, तू जीवन की सबसे मीठी थकान है।

2. अम्मा – नीरज

तेरे आँचल की ठंडी छाँव,  
मुझे धूप से बचा लेती है,  
तू है तो मैं हूँ माँ , 
वरना दुनिया क्या देगी मुझे।
एक भावुक कविता, जिसमें माँ की ममता और सुरक्षा का वर्णन है, जहाँ माँ अपने आँचल की ठंडी छाँव से बच्चे को जीवन की कठिनाइयों और धूप से बचाती है।

3. माँ – सूर्यकांत त्रिपाठी 'निराला'

मातृ! तुम्हारी ममता का ऋण,  
जीवन भर न चुका पाऊँगा,  
तेरे चरणों की धूल भी  
मुझको ताज सी लगती है।

4. मेरी माँ – गोपालदास ‘नीरज’

तेरी ममता के आगे फीकी,  
दुनिया की हर दौलत है,  
तेरे बिना सूना घर मेरा,  
तेरे संग ही जन्नत है।

5. माँ – धर्मवीर भारती

तेरी यादों की खुशबू,  
मेरी सांसों में बसी है,  
तेरी मूरत मेरी आँखों में,  
जैसे मंदिर में आरती की लौ।

6. माँ की ममता – अज्ञात

भूखी रहकर भी मुझे खिखाया,  
नींद चुराकर मुझे सुलाया,  
उस ममता का कोई मोल नहीं,  
जो माँ ने जीवन भर निभाया।

7. माँ के आँचल में – अज्ञात

आँचल में लोरी, आँखों में प्यार,  
माथे पर आशीष की बौछार,  
क्या चीज़ है जो दे सकेगी दुनिया,  
तेरे आँचल के बराबर उपहार।
एक स्नेहमयी कविता, जिसमें माँ के आँचल की लोरी, आँखों का प्यार और माथे पर आशीर्वाद की बौछार को जीवन का सबसे बड़ा उपहार बताया गया है, जिसे दुनिया कोई और चीज़ नहीं दे सकती।

8. माँ – महादेवी वर्मा

जीवन की हर पीड़ा में,  
माँ तू ही सहारा है,  
तेरे बिना लगता है,  
सब कुछ सूना, बंजर सारा है।

एक संवेदनशील कविता, जो माँ के बिना जीवन की खालीपन और उसके सहारे की अनमोलता को दर्शाती है, जहाँ माँ हर पीड़ा में संबल बनती है।

9. माँ – अज्ञेय

तेरी चुप्पी भी दुआ बन जाती है,  
तेरी आँखें भी बरसात लाती हैं,  
तेरे बिना यह जीवन अधूरा है,  
तेरे होने से ही पहचान बनती है।

10. माँ का दिल – अज्ञात

पत्थर तोड़ दे समय की मार से,  
लेकिन माँ का दिल नहीं टूटता,  
वह हमेशा जुड़ा रहता है  
अपने बच्चों की सांसों से।

11. माँ – रामधारी सिंह ‘दिनकर’

तेरे चरणों में जो सुख मिलता,  
वह स्वर्ग में भी नहीं मिलता,  
तेरी गोद से बढ़कर कोई  
शरण इस जग में नहीं मिलता।

"इन कविताओं में अगर आपको अपनी माँ की याद आ गई, तो कमेंट में उनके लिए कुछ शब्द ज़रूर लिखें और इस पोस्ट को उनके साथ शेयर करें।"

12. माँ – बालकृष्ण शर्मा ‘नवीन’

तेरे आँचल के नीचे,  
सारी दुनिया सुरक्षित लगती है,  
माँ तू सच में भगवान का  
सबसे सुंदर रूप है।

13. माँ की याद – अज्ञात

जब-जब मुश्किल में घिर जाता हूँ,  
माँ का नाम जुबां पर आता है,  
और जैसे कोई अदृश्य हाथ  
मुझे बचा ले जाता है।

14. माँ – अज्ञात

माँ तेरी ममता का कोई पार नहीं,  
तेरे बिना जीवन में बहार नहीं,  
तेरे चरणों में जो शांति मिलती है,  
वह कहीं और की दरकार नहीं।

15. माँ का हाथ – अज्ञात

तेरे हाथों की रोटी में,  
घर का स्वाद बसता है,  
तेरी दुआओं में जीवन का  
सबसे मीठा रस बसता है।

16. माँ – प्रेमचंद (काव्य रूपांतर)

माँ का चेहरा देख लिया,  
तो सारे ग़म भूल गया,  
तेरी मुस्कान में बसी है  
मेरी सारी खुशियों की छाया।

17. माँ की लोरी – अज्ञात

तेरे गीतों में मीठी नींद,  
तेरी गोद में सारा जहाँ,  
तेरे बिना लगता है जैसे  
सूना-सूना मेरा जिवन सारा।

18. माँ – कवि अज्ञात

माँ तू धरती, तू ही गगन,  
तू ही सूरज, तू ही चाँद,  
तेरे बिना यह जीवन मेरा  
जैसे वीरान, जैसे श्मशान।

19. माँ – सुभद्राकुमारी चौहान

तेरे आँचल में लोरी पाई,  
तेरी गोद में नींद सुहाई,  
माँ तू सबसे प्यारी है,  
तेरे बिना दुनिया अधूरी है।

20. माँ – अज्ञात

माँ तेरी ममता का ऋण,  
मैं कभी न चुका पाऊँगा,  
तेरे बिना जीवन में,  
एक पल भी न जी पाऊँगा।

निष्कर्ष

माँ का प्यार शब्दों में बांधना मुश्किल है, लेकिन इन कविताओं में उसकी झलक जरूर मिलती है। ये पंक्तियाँ हमें याद दिलाती हैं कि माँ का अस्तित्व हमारे जीवन की सबसे बड़ी पूँजी है। आज ही अपनी माँ के पास जाएँ, उसका हाथ थामें और कहें — 

         "माँ, मैं आपसे बहुत प्यार करता/करती हूँ।" ❤️

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